प्रजापत्य विवाह (Prajapatya Vivah): मनुस्मृति में कुल आठ प्रकार के विवाह बताए गए हैं जिसमे से ब्रह्म विवाह को सर्वश्रेष्ठ माना गया है। प्रजापत्य विवाह भी ब्रह्म विवाह का ही एक रूप... Read more »
ब्रह्म विवाह (Brahm Vivah): मनुस्मृति के अनुसार हिन्दू धर्म में विवाह के कुल आठ प्रकार बताए गए हैं जिसमे से ब्रह्म विवाह को सबसे ऊपर व सर्वश्रेष्ठ माना गया है। विवाह के... Read more »
आज हम आपको विवाह के प्रकार (Vivah Ke Prakar) बताने वाले हैं। हिंदू धर्म में विवाह को सात जन्मों का बंधन माना गया है जिसमें दो आत्माओं का मिलन होता है। विवाह... Read more »
आज हम आपके साथ कान छिदवाने के फायदे (Kaan Chidwane Ke Fayde) साझा करने जा रहे हैं। हिंदू धर्म में बच्चों के कान छिदवाने की परंपरा सदियों से चलती आ रही है।... Read more »
आज हम अंत्येष्टि संस्कार (Antyeshti Sanskar) के बारे में जानेंगे। हिंदू धर्म में कुल सोलह संस्कार माने गए हैं जो एक व्यक्ति के अपनी माँ के गर्भ से ही शुरू हो जाते... Read more »
हिंदू धर्म के सोलह संस्कारों में से विवाह संस्कार (Vivah Sanskar) पंद्रहवां संस्कार माना जाता हैं जो उसे गृहस्थ जीवन में प्रवेश करने के पश्चात करना होता है। इस संस्कार के द्वारा... Read more »
हिंदू धर्म के सोलह संस्कारों में समावर्तन संस्कार (Samavartan Sanskar) का स्थान चौदहवां होता है जो मनुष्य के जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव होता है। इस संस्कार के पश्चात वह अपने ब्रह्मचर्य... Read more »
सनातन धर्म के कुल सोलह संस्कारों में से केशांत संस्कार (Keshant Sanskar) तेरहवां संस्कार माना जाता है जिसे गोदान संस्कार/ श्मश्रु संस्कार भी कहा जाता है। इसे मुख्यतया वेदारंभ संस्कार (बारहवां संस्कार)... Read more »
हिंदू धर्म के कुल सोलह संस्कारों में वेदारम्भ संस्कार (Vedarambh Sanskar) बारहवें स्थान पर आता है जिसका एक व्यक्ति के जीवन में विशेष महत्व होता है। इस संस्कार को करने से पहले... Read more »
सनातन धर्म के सोलह संस्कारों में से उपनयन संस्कार (Upnayan Sanskar) ग्यारहवें नंबर पर आता है। इससे पहले व्यक्ति का विद्यारंभ संस्कार करवाया जाता है जो उसकी पांच वर्ष की आयु में... Read more »