
आज हम जानेंगे कि घर पर ही होली के रंग कैसे बनाते हैं (Holi Ke Rang Kaise Banate Hain)। होली को रंगों का त्यौहार कहा जाता है जिसका मुख्य रंग गुलाल माना जाता है। पहले के समय में केवल प्राकृतिक रंगों से ही होली खेलने का विधान था जिससे शरीर को कोई भी नुकसान नहीं होता था। अपितु इन रंगों से तो शरीर को लाभ मिलता था और नहाते समय मैल भी निकल जाता था।
साथ ही यह इस बदलते मौसम में लाभदायक सिद्ध होता था क्योंकि चारों ओर उड़ते प्राकृतिक रंग जीवाणुओं-विषाणुओं को समाप्त करने के साथ-साथ हमारी त्वचा, आखों इत्यादि के लिए भी लाभदायक सिद्ध होते थे। किंतु आजकल बाजार में नाना प्रकार के रंग आ चुके हैं जिनका दुष्प्रभाव हमारे स्वास्थ्य पर पड़ता है।
इसलिए आज हम आपको घर पर ही होली कैसे बनाते हैं (Holi Kaise Banate Hain) और उसके प्राकृतिक रंग बनाने की विधि बताएँगे। आइए जाने।
Holi Ke Rang Kaise Banate Hain | होली के रंग कैसे बनाते हैं?
होली को रंगों से शुरू करने का श्रेय भगवान श्रीकृष्ण को जाता है। पहली बार रंगों से होली श्रीकृष्ण ने ही राधा संग खेली थी। उन्होंने बरसाना जाकर राधा को कई तरह के रंगों से रंग दिया था। उसके बाद बरसाना से निकल कर यह पर्व पूरी मथुरा नगरी और फिर देशभर में प्रसिद्ध हो गया।
इसके बाद तो तरह-तरह के रंगों से होली खेलने का चलन हो चला। इन रंगों में कुछ प्रमुख रंग हैं:
- गुलाल या गुलाबी
- लाल
- पीला
- संतरी या नारंगी
- हरा
- नीला
- सफेद
ऐसे में आज के इस लेख में हम आपको इन सभी सातों रंगों को घर पर ही कैसे बनाया जा सकता है, इसके बारे में बताने वाले हैं। तो आइए जाने होली का रंग कैसे बनाया जाता है।
#1. होली का गुलाल कैसे बनता है?
होली पर गुलाल ही सबसे ज्यादा प्रसिद्ध है जिसे हम गुलाबी, पिंक या मैजेंटा (गहरा गुलाबी) कहते हैं। इसे आप दो तरीकों से मना सकते हैं: एक तो चुकंदर से और दूसरा गाजर से।
गाजर से गुलाबी रंग बनाना
इसके लिए आप बहुत सारी गाजर लें और उसका जूस निकाल लें। इसे छानकर जूस सभी परिवारवाले पी लें और इसका बुरादा धूप में सुखा दें। जब यह अच्छे से सूख जाए तब इसे मसलकर पाउडर बना लें। लो जी प्राकृतिक गुलाबी रंग तैयार है। आप इसमें कोमलता लाने के लिए थोड़ा सा टेलकम पाउडर मिला सकते हैं।
चुकंदर से गुलाबी रंग बनाना
इससे गिला गुलाबी रंग बनेगा। इसके लिए आप होली से एक-दो दिन पहले चुकंदर को काटकर या पीसकर पानी में डुबोकर रख दें। इसे रातभर ऐसे ही रहने दें और अगले दिन इसे अच्छे से उबाल लें। जब पानी उबल कर गाढ़ा हो जाए तब गैस बंद कर दें। लो जी हो गया नेचुरल गुलाल तैयार। अब इसमें आप आवश्यकतानुसार पानी मिलाकर गीली होली खेल सकते हैं।
#2. होली का प्राकृतिक लाल रंग
गुलाल के बाद जो सबसे ज्यादा प्रसिद्ध रंग है वह है लाल रंग। इसे भी आप प्राकृतिक रूप से बना सकते हैं। आप चाहें तो लाल चंदन के पाउडर को लाल रंग के रूप में प्रयोग में ला सकते हैं जो अच्छी सुगंध भी देगा। इसके अलावा घर पर लाल रंग बनाने के दो तरीके हैं। आइए जाने:
लाल गुलाब से लाल रंग
इसके लिए आप उद्यान से कई सारे लाल गुलाब ले आएं और पंखुडियां तोड़कर उन्हें धूप में सुखा दें। जब यह अच्छे से धूप में सूख जाए तब इन्हें मसलकर पाउडर बना लें। लो जी हो गया लाल रंग तैयार। आप चाहें तो इससे गुलाबी रंग भी बना सकते हैं। इसके लिए इसमें गेहूं का आटा मिला लें जिससे यह लाल से गुलाबी रंग में परिवर्तित हो जाएगा और मात्रा में भी बढ़ जाएगा।
अनार के छिलकों से लाल रंग
इसके लिए आप अनार को छील लें और उसके छिलकों को कई देर तक पानी में उबालें। इसके बाद उस पानी में से छिलकों को निकाल लें और पानी अलग कर दें। लो हो गया गिला लाल रंग तैयार। इसे और गहरा करने के लिए इसमें पीसा हुआ चुकंदर भी उबाला जा सकता है।
#3. होली का प्राकृतिक पीला रंग
घर पर पीला रंग तो कई तरीकों से बनाया जाता है और इसे बनाना भी बहुत ज्यादा आसान है क्योंकि इसे बनाने की ज्यादातर चीजें हमारे घर में आसानी से उपलब्ध होती हैं। आइए जाने:
- मुल्तानी मिट्टी पाउडर में हल्दी को मिलाकर बनाया गया पीला रंग।
- बेसन में हल्दी को मिलाकर बनाया गया पीला रंग।
- गेंदे के फूल की पत्तियों को धूप में सुखाकर, उनको मसल कर बनाया गया पीला रंग।
- चंदन पाउडर में हल्दी मिलाकर बनाया गया पीला रंग।
पीले रंग को आप हल्दी, चंदन, बेसन, आटा, मैदा, गेंदे के फूल इत्यादि किसी से भी बना सकते हैं। बस हल्दी घर वाली ही हो क्योंकि बाजार की पैकेट वाली हल्दी तेज होती है जो त्वचा में जलन पैदा कर सकती है।
#4. होली का प्राकृतिक संतरी/ नारंगी रंग
अब बात करते हैं नारंगी रंग बनाने के बारे में जिसके साथ कान्हा भी होली खेलते थे। जी हाँ, कान्हा राधा व अन्य गोपियों संग इसी से होली खेलते थे जो टेसू के फूलों से बनाया जाता था। इसके अलावा इसे अन्य चीजों से भी बनाया जाता है। आइए जाने:
टेसू के फूलों से संतरी रंग
इसके लिए टेसू (पलाश) के फूलों को तोड़कर उन्हें रातभर पानी में भिगोकर रख दें। सुबह इस पानी को उबाल लें। अब इसमें संतरी पीला रंग आ जाएगा। अब इसे आप होली खेलने में इस्तेमाल कर सकते हैं। यह गिला नारंगी रंग होगा। यदि आप सूखा नारंगी रंग प्राप्त करना चाहते हैं तो टेसू के फूलों को धूप में सुखाकर अगले दिन उसे मसल कर पाउडर बना लें।
केसर से संतरी रंग
यह थोड़ा महंगा रहेगा लेकिन यह आपकी त्वचा के लिए भी अच्छा रहेगा और अच्छी सुगंध देने वाला भी। इसके लिए आप केसर की कुछ पत्तियों को मसलकर पानी में डुबोकर रख दें। कुछ देर में इसमें नारंगी रंग आ जाएगा। अब इस पानी को आप ज्यादा पानी में मिला कर होली खेल सकते हैं।
#5. होली का प्राकृतिक हरा रंग
इसे बनाने के भी मुख्यतया दो तरीके हैं।
मेहंदी से बनाया गया हरा रंग
आप चाहें तो सीधे मेहंदी पाउडर को हरे रंग के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं। सूखी मेहंदी अपना रंग नहीं छोड़ेगी, इसलिए घबराए नहीं लेकिन गीली मेहंदी रंग छोड़ सकती है। यह मेहंदी बालों के लिए कंडीशनर का काम करेगी जबकि त्वचा के लिए रंगत का। इसकी मात्रा बढ़ाने और हल्कापन देने के लिए आप इसमें गेहूं का आटा मिला सकते हैं।
पुदीना, धनिया व पालक से हरा रंग
आप चाहें तो पुदीना, धनिया व पालक की पत्तियों को धूप में सुखाकर फिर उन्हें मसल कर उनका पाउडर बना सकते हैं या फिर इससे गिला रंग बनाने के लिए इन्हें पानी में उबाल सकते हैं। आप चाहें तो इसमें मैथी भी मिला सकते हैं।
#6. होली का प्राकृतिक नीला रंग
इसे बनाने के भी दो तरीके हैं:
गुड़हल के फूलों से नीला रंग
गुड़हल के फूलों को तोड़कर धूप में सूखने के लिए रख दें। अगले दिन इसे हाथों से मसल कर पाउडर बना लें। अब इसे आप नीले रंग के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं।
काले अंगूर से नीला रंग
आप चाहें तो काले रंग के अंगूर का जूस निकाल कर उसमें पानी मिला सकते हैं या फिर सीधे इन्हें पानी में उबाल सकते हैं। दोनों ही तरीकों से नीला रंग प्राप्त होगा।
#7. होली का प्राकृतिक सफेद रंग
इसके लिए तो आप सीधे गेहूं के आटे का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसमें सुगंध लाने के लिए सफेद चंदन पावडर मिलाया जा सकता है।
तो इस प्रकार आप होली के लिए प्राकृतिक रंग विभिन्न माध्यमों से अपने घर पर ही बना सकते हैं। यह रंग आपकी त्वचा को कोई नुकसान भी नहीं पहुंचाएंगे और फायदा करेंगे वो अलग। हमनें जो तरीके आपको बताए हैं उसके अलावा भी बहुत तरीकों से इन रंगों को या अन्य रंगों को तैयार किया जा सकता है। इसलिए हमेशा होली को प्राकृतिक रंगों से ही खेलने की आदत डालें।
आज आपने जान लिया है कि घर पर ही होली के रंग कैसे बनाते हैं (Holi Ke Rang Kaise Banate Hain) और इसकी विधि क्या है। आशा है कि इस बार की होली आपके और आपके परिवार के लिए शुभ हो।
होली बनाने से संबंधित प्रश्नोत्तर
प्रश्न: होली का रंग कैसे बनाया जाता है?
उत्तर: होली के कई रंग होते हैं। जैसे कि गुलाल, लाल, पीला, संतरी इत्यादि। इन सभी रंगों को घर पर ही तैयार करने की विधि हमने इस लेख में दी है जिसे आपको पढ़ना चाहिए।
प्रश्न: होली का रंग कैसे बनता है?
उत्तर: होली का रंग कई तरह से बनता है। इसे आप मेहंदी, चुकंदर, फूलों, सब्जियों इत्यादि से बना सकते हैं। इस लेख में हमने कई तरह के रंग बनाने की प्रक्रिया दी है।
प्रश्न: होली का रंग कैसे बनाते हैं?
उत्तर: होली का रंग अंगूर, गुड़हल, धनिया, पुदीना, मेहंदी इत्यादि कई चीजों से बनाया जा सकता है। इसके लिए आप यह लेख पढ़ें जिसमें होली के रंग बनाने की तरह-तरह की विधि दी गई है।
प्रश्न: घर पर होली कैसे बनाते हैं?
उत्तर: घर पर होली के रंग बनाने की कई तरह की विधियाँ है। इसके लिए कई तरह की प्राकृतिक चीजों का उपयोग किया जा सकता है। इसके बारे में हमने इस लेख में बताया है।
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