रामायण में लंकिनी कौन थी? पढ़िए हनुमान लंकिनी संवाद

Hanuman Ramayana

क्या आप जानते हैं कि लंका की सुरक्षा में तैनात लंकिनी कौन थी (Lankini Ramayan)? लंकिनी लंका राज्य की सुरक्षा प्रभारी थी जो लंका नगर के प्रवेश द्वार पर पहरा देती थी। उसकी आज्ञा के बिना कोई भी नागरिक लंका के अंदर प्रवेश नहीं कर सकता था। वह अत्यंत शक्तिशाली व बलवान स्त्री थी जिसे रावण ने मुख्यतया लंका की सुरक्षा का उत्तरदायित्व दिया था।

जब हनुमान माता सीता की खोज में लंका में प्रवेश करने लगे तब उनका सामना लंकिनी से हुआ था। उस समय हुआ हनुमान लंकिनी संवाद (Hanuman Lankini Samvad) बहुत ही रोचक है क्योंकि कुछ देर पहले जो लंकिनी हनुमान को लंका में प्रवेश करने से रोक रही थी, वही लंकिनी उन्हें प्रणाम कर वहाँ से चली गई थी। आज हम उसी रोचक प्रसंग तथा लंकिनी की कथा के बारे में जानेंगे।

Lankini Ramayan | लंकिनी कौन थी?

जब भगवान ब्रह्मा के वरदान से रावण को सोने की भव्य नगरी लंका प्राप्त हुई तो वह अत्यंत प्रसन्न था। उस समय ब्रह्मा जी ने लंकिनी को लंका का मुख्य प्रहरी बनाया था। इस तरह से ब्रह्मा जी के द्वारा ही लंकिनी को लंका की सुरक्षा का मुख्य प्रभार सौंपा गया था। अपने को मिले इस दायित्व से लंकिनी ज्यादा खुश नहीं थी क्योंकि वह राक्षस राजा रावण की नगरी थी।

लंकिनी ने भगवान ब्रह्मा से पूछा कि वह कब तक लंका की सुरक्षा में तैनात रहेगी। इस पर ब्रह्मा जी ने कहा कि एक दिन वानर रूप में स्वयं भगवान यहाँ आएंगे। वे तुम पर एक ही प्रहार करेंगे जिससे तुम परास्त हो जाएगी। उस समय तुम्हारा लंका की सुरक्षा करने का कर्तव्य पूर्ण हो जाएगा व तुम्हें मुक्ति मिल जाएगी।

हनुमान लंकिनी संवाद

हनुमान समुंद्र लांघकर माता सीता की खोज में लंका नगरी के द्वार तक पहुँच चुके थे। लंका के प्रवेश द्वार पर लंकिनी का कड़ा पहरा रहता था व कोई भी बिना उसकी अनुमति के अंदर प्रवेश नहीं कर सकता था। यह देखकर हनुमान जी ने अपना रूप बहुत ही छोटा कर लिया और वे लंकिनी को चकमा देकर अंदर प्रवेश करने लगे। लंकिनी बहुत ही तेज थी और उसने तुरंत हनुमान जी को देख लिया व उन्हें वहीं रोक लिया।

लंकिनी ने हनुमान से लंका में प्रवेश करने का कारण पूछा तो हनुमान जी उन्हें कुछ बताना नहीं चाहते थे। इसलिए उन्होंने लंकिनी से कहा कि वे केवल यहाँ विचरण करने व लंका को देखने आए हैं। लंकिनी बहुत ही चतुर थी और उसने हनुमान जी की चाल को समझ लिया। वह तुरंत उन पर आक्रमण करने दौड़ी। आइए जाने आगे क्या हुआ।

  • लंकिनी हनुमान युद्ध

लंकिनी को स्वयं पर आक्रमण करते देखकर हनुमान ने स्त्री का वध करना उचित नहीं समझा। हनुमान ने उसे रोकने के लिए उस पर एक जोरदार प्रहार किया जिससे लंकिनी अचेत हो गई व उसके मुख से रक्त बहने लगा। एक वानर के द्वारा शक्तिशाली लंकिनी पर इतने जोरदार प्रहार से लंकिनी को ब्रह्मा जी के द्वारा कही गई बात याद आ गई।

  • Hanuman Lankini Samvad

ब्रह्मा जी की बात याद आते ही लंकिनी ने उसी समय हनुमान से क्षमा मांगी व उन्हें सारा वृतांत सुनाया। उसने हनुमान जी से कहा कि वह जान चुकी है कि अब लंका व राक्षसों का अंत आ चुका है। साथ ही ब्रह्मा के कहे अनुसार उसका भी लंका की सुरक्षा का उत्तरदायित्व अब समाप्त हो चुका है। इसलिए वे उन्हें क्षमा करें ताकि वह पुनः ब्रह्म लोक जा सके। इसके बाद लंकिनी पुनः ब्रह्म लोक की ओर चली जाती है।

लंकिनी रामायण

एक मान्यता के अनुसार लंकिनी पहले एक सुंदर स्त्री थी जिसके पास पहले भगवान ब्रह्मा के लोक की सुरक्षा का भार था। किंतु स्वयं को मिले इस उत्तरदायित्व के कारण उसमें अहंकार आ गया था। इसी अहंकार के कारण ब्रह्मा जी ने उसे राक्षस नगरी का प्रहरी बना दिया था। जब उसे अपनी गलती का अनुभव हुआ तो उसने भगवान ब्रह्मा से क्षमा मांगी। तब भगवान ब्रह्मा ने उसे एक वानर के द्वारा उस पर प्रहार करके उसे मुक्ति देने का उपाय बताया था।

इस तरह से आपने लंकिनी कौन थी (Lankini Ramayan) व क्यों उसे लंका की सुरक्षा में तैनात किया गया था, इत्यादि के बारे में जान लिया है। हनुमान से मिलने के बाद लंकिनी हमेशा के लिए लंका को छोड़ कर चली जाती है और हनुमान जी आराम से लंका में प्रवेश कर पाते हैं।

लंकिनी से संबंधित प्रश्नोत्तर

प्रश्न: लंकिनी पूर्व जन्म में कौन थी?

उत्तर: लंकिनी पूर्व जन्म में एक सुंदर स्त्री थी वह ब्रह्म लोक की सुरक्षा प्रहरी थी लेकिन इस दायित्व के कारण उस पर अहंकार हावी हो गया था

प्रश्न: हनुमान को लंका जाते समय किसने रोका?

उत्तर: जब हनुमान लंका नगरी में प्रवेश करने लगे तब वहाँ की सुरक्षा में तैनात लंकिनी के द्वारा उन्हें रोका गया था

प्रश्न: रामायण में लंकिनी कौन थी?

उत्तर: रामायण में लंकिनी के ऊपर लंका नगरी के प्रवेश द्वार की सुरक्षा का मुख्य प्रभार था उसी ने ही हनुमान जी को लंका में प्रवेश करने से रोका था

प्रश्न: रामायण के अनुसार लंकिनी को ब्रह्मा जी ने क्या कहा था?

उत्तर: रामायण के अनुसार लंकिनी को ब्रह्मा जी ने कहा था कि उसे लंका की सुरक्षा का दायित्व तब तक निभाना होगा जब तक एक वानर तुम्हें परास्त ना कर दे

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लेखक के बारें में: कृष्णा

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