
क्या आपको अपने बचपन के खेल (Bachpan Ke Khel) याद हैं? आजकल समय इतनी तेजी से बदल रहा है कि पूछो मत। तकनीक व आधुनिकता ने आज के मनुष्य की दिनचर्या को पूरी तरह से बदल कर रख दिया है या यूँ कहें कि एक तरह से तहस-नहस कर दिया है। पहले हम ना जाने कितने ही खेल यूँ ही खेल लिया करते थे लेकिन आज उन्हें बस बचपन के खेलों के नाम से ही जानते हैं।
सारा दिन काम करना या पढ़ना और फिर उसके बाद मोबाइल पर लग जाने से हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ रहा है। इसलिए आज हम पुराने जमाने के खेलों के नाम (Indian Traditional Games In Hindi) और उनके बारे में आपको बताएँगे।
Bachpan Ke Khel | बचपन के खेल
वैसे तो हमारे देश में कुछ ही दूरी पर भाषा, संस्कृति, खान-पान से लेकर पहनावा इत्यादि सब बदल जाता है। ऐसे में हर क्षेत्र के अपने-अपने बचपन के खेल होते होंगे जिन्हें खेल कर उन्हें आनंद आता होगा। फिर भी कुछ खेल ऐसे हैं जो लगभग पूरे भारत देश में भी प्रसिद्ध हैं। उदाहरण के तौर पर आँख मिचौली ले लीजिए या फिर छुपन छुपाई इत्यादि।
ऐसे में आज के इस लेख में हम आपके साथ कुछ ऐसे ही चुनिंदा व प्रसिद्ध 10 बचपन के खेलों को रखने जा रहे हैं जिन्हें पढ़कर आपको भी आनंद आएगा।
#1. आँख मिचौली
यह एक ऐसा खेल है जिसे आप अपने सभी घरवालों के साथ खेल सकते हैं फिर चाहे वह बच्चा हो या बुजुर्ग। इस खेल में किसी को भागने की या छुपने की आवश्यकता नहीं होती है, बस एक सदस्य की आँखों पर पट्टी बांधकर उसे परेशान करना होता है। चलिए जान लेते हैं, आँख मिचौली खेल खेलने के नियम।
आँख मिचौली खेल के नियम
इसे खेलने के लिए घर के सभी सदस्य एक स्थान चुने जैसे कि घर की छत या आँगन या कोई बड़ा कमरा। जो जगह चुने, उस जगह से बाहर जाने वाले दरवाजे को बंद कर दें। अब एक काले रंग का कपड़ा या चुनरी लें जिसे दूसरे की आँख पर इस प्रकार बांधा जा सके जिससे उसे दिखे नहीं।
अब किसी एक सदस्य को चुने जिसे बारी देनी है। उसकी आँखों पर इस पट्टी को बांध दें। बांधने के बाद उसे गोल-गोल घुमा कर छोड़ दें। अब सभी सदस्य उसके आसपास फैल जाएं। आप सभी को शांत नहीं रहना है बल्कि उसके चारों ओर कोई ना कोई आवाज निकालते रहना है या एक-दूसरे से बात करते रहना है। आप चाहें तो अचानक से उसे पीछे से छूकर परेशान भी कर सकते हैं।
जो सदस्य बारी दे रहा है, उसे आपकी आवाज या गतिविधि को ध्यान में रखते हुए आपको पकड़ने या छूने का प्रयास करना है। जैसे ही वह आपमें से किसी व्यक्ति को अपने हाथों से छू देगा, तब उसकी बारी समाप्त हो जाएगी व जिसको उसने छुआ है, उसको बारी देनी पड़ेगी। इस प्रकार यह आँख मिचौली का खेल यूँ ही चलता रहेगा।
आँख मिचौली खेलने के फायदे
आँख मिचौली को खेलने से व्यक्ति के सुनने की और ध्यान लगाने की क्षमता में विकास होता है। बारी देने वाला आपकी आवाज और गतिविधि को ध्यान में रखते हुए प्रतिक्रिया करता है और उसी दिशा में आगे बढ़कर आपको पकड़ने का प्रयास करता है। इससे उसको सजग रहने और सावधानी बरतने में सहायता मिलती है।
आँख मिचौली खेलते समय सावधानियां
इस खेल में आप यह ध्यान रखें कि जिसकी आँख पर पट्टी बंधी है वह चोटिल ना हो जाए क्योंकि उसे कुछ दिख नहीं रहा होता है। वह किसी चीज से टकरा कर या गिर कर चोटिल हो सकता है। इसलिए इस खेल को एक निर्धारित जगह पर ही खेलें जैसे कि यदि आप आँगन में खेल रहे हैं तो केवल आँगन में ही खेलें।
#2. लंगड़ी टांग
यह खेल बहुत कुछ कबड्डी के जैसा ही है लेकिन उसके जितना आक्रामक नहीं। लंगड़ी टांग में दो चीज़े कबड्डी से अलग हैं, एक तो इसमें दूसरे पाले में दोनों पैरों पर नहीं बल्कि एक पैर पर जाना होता है और दूसरा, इसमें सामने वाले पाले की टीम को उसे पकड़ना नहीं बल्कि उससे बचना होता है कि वह किसी को हाथ लगा कर आउट ना कर दे। आइए जानते हैं लंगड़ी टांग खेल के नियम।
लंगड़ी टांग खेल के नियम
लंगड़ी टांग खेल खेलने के लिए आप सभी लोग दो टीम में आधे-आधे की संख्या में बंट जाएँ। दोनों टीम आपने-सामने आ जाएं व बीच में एक रेखा खींच लें। इस रेखा के बाहर ना आपकी टीम जा पाएगी व ना ही दूसरी टीम का कोई व्यक्ति वहां आ सकता है।
अब बारी-बारी से हर टीम का एक खिलाड़ी अपनी एक टांग पर दूसरे के पाले में जाएगा और वहां के सदस्यों को छूने का प्रयास करेगा। दूसरी टीम के खिलाड़ियों को उससे बचना है। इस प्रकार जिस किसी को भी उसने छुआ है वह खेल से बाहर हो जाएगा चाहे वह एक हो या उससे अधिक।
इस दौरान यदि उसने दूसरे के पाले में जाने के बाद, अपनी दूसरी टांग को जमीन पर रख दिया तो वह खुद खेल से बाहर हो जाएगा। इसलिए वह दूसरे पाले में तभी तक रुक सकता है जब तक कि वह थक ना जाए और बिना दूसरा पैर जमीन पर रखे सामने वाली टीम के खिलाड़ियों को छूने का प्रयास करे। इसी प्रकार दूसरे की टीम से भी एक खिलाड़ी आपके पाले में आएगा। बारी-बारी से यह खेल चलता रहेगा जब तक कि एक टीम के सभी खिलाड़ी बाहर ना हो जाएं।
लंगड़ी टांग खेलने के फायदे
इस खेल के माध्यम से आप अपने एक पैर पर संतुलन बनाना सीखते हैं। इसके साथ ही जो खिलाड़ी अपनी बारी दे रहा है, उससे बचने का प्रयास ही आपके अंदर स्फूर्ति लेकर आता है। लंगड़ी टांग खेलने से आपका शारीरिक व्यायाम भी भरपूर होता है।
लंगड़ी टांग खेलते समय सावधानियां
इसमें जो लंगड़ा व्यक्ति आपके पाले में आया है आप उसको किसी भी प्रकार से छू नहीं सकते हैं क्योंकि उसको किसी भी प्रकार से छूते ही आप खेल से बाहर हो जाएंगे। आपको बस भागकर उससे बचना है व उससे तब तक बचना है जब तक वह थककर वापस अपने पाले में ना चला जाए।
#3. डांसिंग स्टेप पास
Bachpan Ke Khel में यह एक बहुत मजेदार खेल है जिसे घर के सभी सदस्य खेल सकते हैं। आइए इस खेल के नियम भी जान लेते हैं। इसमें आप सभी घरवालों को एक पंक्ति में खड़े हो जाना है। ध्यान रहे सभी की पीठ एक के पीछे एक हो व कोई भी पीछे मुड़कर नहीं देखेगा जब तक कि उसकी बारी ना आ जाए।
अब पंक्ति में सबसे आखिरी में खड़े व्यक्ति को अपने से आगे खड़े व्यक्ति को पीछे मोड़कर उसे 4-5 डांस स्टेप्स करके दिखाने होते हैं। यह देखने के बाद उस व्यक्ति को अपने से आगे खड़े व्यक्ति को पीछे मोड़कर वह स्टेप्स करके दिखाने होते हैं। इस तरह वे स्टेप्स एक-एक करके आगे पास होते रहते हैं।
इस खेल का सबसे बड़ा मजा यह है कि इसमें कोई आउट नहीं होता है बल्कि यह हंसी-मजाक का एक अनोखा खेल है। साथ ही इसमें आपको अपने से पीछे वाले व्यक्ति के स्टेप्स एक बार ही देखने को मिलेंगे व आप उसे वापस वह स्टेप करने को नहीं बोल सकते। इसके बाद आपको वह स्टेप्स जैसे भी समझ आएं, वह आपको अपने से आगे वाले व्यक्ति को करके दिखाने होते हैं।
आप खुद पाएंगे कि अंत तक पहुँचते-पहुँचते वह पहले वाले स्टेप्स क्या से क्या बन जाते हैं। इसके बाद जिस व्यक्ति ने वह स्टेप्स दिए हैं वह अंत में सबको असली स्टेप करके दिखता है व बाकी सब अपने द्वारा किए गए स्टेप्स को देखकर हँसते-हँसते लोटपोट हो जाएंगे। इस तरह लाइन में सबसे आगे खड़ा व्यक्ति अब सबसे पीछे जाएगा और वह सभी को नए स्टेप देगा। इस तरह यह खेल जब तक आप चाहें चलता रहेगा।
डांसिंग स्टेप पास खेलने के फायदे
इस खेल को खेलते समय आपके ऊपर दबाव रहेगा कि आप अपने पीछे खड़े व्यक्ति के स्टेप्स को याद रखें और उसे वैसा ही सामने वाले व्यक्ति के सामने करके दिखाएं। इस खेल को खेलने से हमारी याद रखने की क्षमता में विकास होता है व साथ ही दूसरों के सामने शर्म खुलती है।
डांसिंग स्टेप पास खेलते समय सावधानियां
इस खेल का आनंद यही है कि आपको केवल अपने से पीछे खड़े व्यक्ति के स्टेप पर ही ध्यान देना है और किसी पर नहीं।
#4. छुपन छुपाई
इस खेल के बारे में किसने नहीं सुना होगा या यूँ कहें कि किसने नहीं खेला होगा!! जब भी कभी पुराने जमाने के खेलों के नाम (Indian Traditional Games In Hindi) लिए जाएंगे तो उसमें छुपन छुपाई का खेल तो सबसे पहले आता है।
खासकर बच्चे तो यह खेल बहुत खेलते हैं क्योंकि यह उनके लिए आसान भी होता है और मजेदार भी। एक तो उनका छोटा सा शरीर होता है जो कहीं भी छुप जाता है व उनको ढूंढने वाले भी बच्चे ही होते हैं। जितना यह बच्चों के लिए मजेदार होता है उतना ही यह बड़ों को भी आनंद देता है।
छुपन छुपाई खेल के नियम
यह खेल आप अपने पूरे घर में खेल सकते हैं और वह भी सभी के साथ। इसमें एक व्यक्ति को अपनी आँखें बंद करके जोर-जोर से 10 या 20 तक नंबर गिनने होते हैं। जब तक वह नंबर गिन रहा है तब तक घर के बाकी सभी सदस्य घर में कहीं भी जाकर छुप सकते हैं। नंबर गिनने के बाद वो व्यक्ति आप सबको एक-एक करके ढूंढेगा।
जैसे ही वह किसी को देखेगा तो उस बंदे का नाम बोलकर “आइस-पाईस” बोलेगा तो वह बंदा पकड़ा जाएगा। दरअसल आइस-पाईस का अर्थ अंग्रेजी के “I spy” से है अर्थात “मैं जासूस हूँ” है। इस खेल में मजा यह है कि अगर किसी ने भी पकड़ने वाले की आखों के सामने आए बिना व पकड़े जाने से पहले ही उसे पीछे से थप्पी कर दिया तो उसे वापस से सबको पकड़ना पड़ेगा। यदि पकड़ने वाले बंदे ने बिना थप्पी खाए सबको एक-एक करके पकड़ लिया तो सबसे पहले पकड़े गए व्यक्ति को सबको ढूंढना पड़ेगा।
छुपन छुपाई खेलने के फायदे
यह खेल आपको स्मार्ट तरीके से खेलने और जल्दी निर्णय लेने के लिए दबाव डालता है अन्यथा आप पकड़े जाएंगे। इसलिए बिना शोर किए अपनी जगह पर छुपे रहने के अलावा, आप पर इसका दबाव भी रहता है कि आप किसी भी तरह से बारी दे रहे खिलाड़ी को थप्पी करके उसे हरा दें।
छुपन छुपाई खेलते समय सावधानियां
इस खेल में आप यह ध्यान रखें कि छुपने के चक्कर में आप घर की किसी ऐसी जगह में ना छुप जाएं जहाँ आप मुसीबत में पड़ जाएं और वहाँ से निकलना आपके लिए मुश्किल हो। साथ ही इस खेल में बच्चों का भी थोड़ा ध्यान रखें।
#5. मारम पिट्टी
इसमें आपको दो टीम बनानी है व सभी को आधी-आधी संख्या में बंट जाना है। अब सभी को एक कमरे या आँगन में एक दूसरे से दूर दोनों कोनों में खड़े हो जाना है। इस खेल को खेलने के लिए स्पंज की गेंद आती है जिसे एक टीम को दूसरी टीम पर मारना होता है। इस स्पंज की गेंद को आप पानी में भिगोकर भी खेल सकते हैं लेकिन इससे यह ज्यादा जोर से दूसरी टीम के खिलाड़ियों पर लगेगी।
अब आपको इस गेंद को लेकर दूसरी टीम के खिलाड़ियों पर जोर से फेंकना है ताकि वह उनमें से किसी को लग जाए। फिर सामने वाली टीम वही गेंद उठाकर आपकी टीम पर मारेगी। जिस-जिस टीम के खिलाड़ी को यह गेंद लगती जाएगी, वह-वह इस खेल से बाहर होते जाएंगे। इस प्रकार जिस टीम के सभी सदस्य पहले बाहर हो जाएंगे वह टीम हार जाएगी।
मारम पिट्टी खेलने के फायदे
इस खेल को खेलने से शारीरिक व्यायाम तो होगा ही क्योंकि आपको गेंद से बचने के लिए इधर-उधर तेजी से हिलना-डुलना पड़ेगा। साथ ही आपका अपने शरीर को संभालने का भी अभ्यास होगा। जब आपकी बारी आएगी तब आपको गेंद इस तरह से मारनी होगी कि वह दूसरी टीम के किसी खिलाड़ी को लगे और वह बाहर हो जाए। इससे आपका निशाना बनाने का भी अभ्यास होगा।
मारम पिट्टी खेलते समय सावधानियां
इस खेल में घर की कोई चीज़ भी टूट सकती है, इसलिए उसका ध्यान रखें। साथ ही एक-दूसरे को मारने के लिए किसी ऐसी-वैसी चीज़ का इस्तेमाल ना करें जिससे दूसरे को चोट पहुंचे। इसे खेलने के लिए आपको बाजार से स्पंज की गेंद आसानी से मिल जाएगी।
#6. स्टापू
यह खेल आप अपने घर की छत या सड़क पर खेल सकते हैं। इसमें आपको ऊपर दिए गए चित्र के अनुसार आठ खानों के डिब्बे बनाने हैं जो एक के ऊपर एक होंगे व केवल दो जोड़े वाले डिब्बे होंगे। इसमें जोड़े वाले डिब्बे आप 4, 5 व 7, 8 को रखें अर्थात 1, 2, 3, 4 5, 6, 7 8।
अब सभी की एक-एक करके बारी आती है। इसमें आपको एक पत्थर या लकड़ी का टुकड़ा चाहिए होगा जो सपाट हो, इसे ही स्टापू कहते हैं। अब आपको इस स्टापू को पहले नंबर पर फेंकना है। फिर एक टांग पर उछलकर दूसरे नंबर पर जाना है फिर सारे नंबर पर जाकर आना है और वापिस आकर 2 नम्बर पर खड़े होकर वह स्टापू उठाकर बिना एक नम्बर पर पैर रखे सीधे बाहर निकल जाना है। इस प्रकार आपको एक-एक करके स्टापू को आगे फेंकना है व एक टांग पर उसे लेकर आना है।
ध्यान रखें कि आप उस नंबर पर पैर नहीं रख सकते हैं जिस नंबर पर आपने स्टापू फेंकी है। आप अपने दोनों पैर केवल जोड़े पर ही रख सकते हैं। यदि आपका स्टापू गलत नंबर पर गिरा या आपने दूसरी टांग भी जमीन पर थोड़ी सी भी छू दी तो आप बाहर हो जाएंगे। इसके साथ ही यदि आपने डिब्बे की किसी भी लाइन को हाथ या पैर से छू दिया तो भी आप बाहर हो जाएंगे।
स्टापू खेलने के फायदे
एक टांग पर उछलते हुए और खेल के सभी नियमों का पालन करते हुए, आप अपने शरीर का संतुलन बनाना सीखते हैं। इसके साथ ही इस खेल से आपकी टाँगे भी मजबूत बनती है।
स्टापू खेलते समय सावधानियां
स्टापू कोई गोल या नुकीला ना लें। साथ ही मिट्टी या टूटने वाले पत्थर का भी स्टापू ना लें।
#7. रस्सी खींच
इस खेल को खेलने के लिए आप एक मजबूत रस्सी लें व सभी घरवाले आधी-आधी टीम में बंट जाएँ। टीम को केवल संख्या के आधार पर ही नहीं अपितु शक्ति के आधार पर भी बांटें क्योंकि यह खेल हाथों की मजबूती का ही है। अब दोनों टीम उस रस्सी का एक-एक किनारा पकड़ कर खड़े हो जाएँ। अब 1 से 3 की गिनती गिने और लगा दें जोर अपनी ओर रस्सी को खींचने में।
जो टीम सामने वाली टीम से ज्यादा जोर लगाकर उस रस्सी को अपनी ओर पूरी तरह से खींच लाएगी या सामने वाली टीम गिर जाएगी तो आपकी टीम जीत जाएगी। यह पुराने जमाने के खेलों (Indian Traditional Games In Hindi) में एक ऐसा खेल है जो आज के समय में बड़े स्तर पर भी खेला जाने लगा है।
रस्सी खींच खेलने के फायदे
इस खेल को खेलने के लिए आपको अपने हाथों से रस्सी को मजबूती से पकड़ना होता है। साथ ही शरीर का सारा जोर देकर उस रस्सी को अपनी ओर खींचना होता है जिसके कारण हाथों में मजबूती आती है और जोड़ों में खिंचाव आता है।
रस्सी खींच खेलते समय सावधानियां
इस खेल को खुली जगह पर खेलें क्योंकि इसमें एक टीम के द्वारा रस्सी को छोड़ देने या कम दबाव देने से आपकी टीम अपनी ओर एक झटके में गिर भी सकती है। यदि पीछे कोई सामान या नुकीली चीज़ है तो इससे आपको चोट लग सकती है।
#8. पिट्ठू
यह खेल भी बहुत मजेदार है। इसमें भी आप सभी दो टीम में बंट जाएँ। इस खेल में आपको 7-8 पत्थरों व एक गेंद की जरुरत पड़ेगी। सभी पत्थरों को एक के ऊपर एक करके सजा दीजिए जैसे कि ऊपर चित्र में दर्शाया गया है। अब पत्थरों से एक निश्चित दूरी पर एक रेखा बनाएं, जहाँ से खिलाड़ी इस पर गेंद से निशाना लगाएगा।
अब दूसरी टीम से एक खिलाड़ी उस रेखा तक आएगा और गेंद से निशाना मारकर उन पत्थरों को गिराने का प्रयास करेगा। जैसे ही गेंद निशाने पर लगेगी और पत्थर गिर जाएंगे तब असली खेल शुरू होगा। अब पहली टीम के खिलाड़ियों को जल्द से जल्द इन पत्थरों को वैसे ही सजाना है जैसे ये पहले थे और वह भी गेंद की मार से बचते हुए। दूसरी टीम के खिलाड़ियों को उस गेंद को लेकर पहली टीम के किसी भी खिलाड़ी को मारने का प्रयास करना है।
यदि पहली टीम गेंद से बचकर पत्थरों को पहले जैसे सजा देती है तो उसको दो बारी और मिलेगी या यूँ कहें कि दो अंक लेकिन यदि पत्थरों के सजने से पहले ही उस टीम के किसी खिलाड़ी को गेंद लग जाती है तो दूसरी टीम की बारी आएगी। इस प्रकार जिस भी टीम के 10 से ज्यादा अंक हो जाते हैं वह टीम जीत जाएगी।
पिट्ठू खेलने के फायदे
इस खेल को खेलने से आप दूसरे खिलाड़ियों से सामंजस्य बिठाना सीख पाएंगे क्योंकि गेंद आपको सही खिलाड़ी को पास करनी होगी ताकि वह जल्द से जल्द सामने वाली टीम के खिलाड़ी पर निशाना बना सके। इसके साथ ही शरीर में स्फूर्ति आएगी और निर्णय लेने की क्षमता में विकास होगा।
पिट्ठू खेलते समय सावधानियां
इस खेल में आपको पत्थर सजा रहे व्यक्ति को गेंद जोर से नहीं मारनी है। आपको बस उस पर निशाना लगाना है। यदि गेंद उसको छू भी जाती है तो भी वह आउट ही माना जाएगा।
#9. उड़न तश्तरी
यह खेल या तो आप घर की छत पर खेलें या बाहर सड़क पर। आप चाहें तो इसे पार्क में भी जाकर खेल सकते हैं। इसके लिए आप बाज़ार से एक तश्तरी ले आएं। इसे दो व्यक्ति भी खेल सकते हैं व उससे ज्यादा भी। इसमें आपको एक दूसरे से दूर खड़े हो जाना है, फिर तश्तरी को पकड़कर जोर से दूसरे की ओर फेंकना है।
अब दूसरा व्यक्ति वह तश्तरी पकड़ कर उसे आपकी ओर फेंकेगा। जिस किसी की भी तश्तरी सबसे पहले 3 या 5 बार गिर जाएगी वह हार जाएगा। इस तरह से Bachpan Ke Khel में इस उड़न तश्तरी खेल को खेलने में एक अलग ही आनंद आता है।
उड़न तश्तरी खेलने के फायदे
इस खेल को खेलने से आपके हाथों का व्यायाम होगा और पैरों का भी। हाथों का व्यायाम तब होगा जब आपको तश्तरी फेंकनी होगी और पैरों का व्यायाम तब होगा जब आपको वह पकड़नी होगी।
उड़न तश्तरी खेलते समय सावधानियां
आपको तश्तरी इतनी जोर से भी नहीं फेंकनी है कि वह किसी और ही दिशा में चली जाए या किसी को लग जाए। इसमें आपको अपना व तश्तरी का एक संतुलन बनाकर खेलना चाहिए।
#10. बर्फ पानी
इसमें आपको कोई टीम नहीं बनानी है बल्कि एक व्यक्ति चुनना है जो सबको पकड़ेगा। अब आप सभी को उससे बचकर भागना है। जो व्यक्ति आप सभी को पकड़ रहा है वह आप में से किसी को भी छूकर बर्फ बोलेगा। यदि वह किसी को भी छूकर बर्फ बोल देता है तो उस पकड़े गए व्यक्ति को वहीं मूर्ति के समान खड़े रहना है व कहीं नहीं भागना है।
अब वह व्यक्ति बाकी सभी को ऐसे ही पकड़ेगा लेकिन इसमें मजा यह है कि जो बर्फ नहीं है, वह उस बर्फ बने व्यक्ति के पास जाकर उसे वापस से छूकर पानी बोल सकता है। उसको छूकर पानी बोलते ही वह बर्फ बना व्यक्ति वापस भाग सकता है। इस प्रकार यह खेल तब तक चलता रहेगा जब तक वह व्यक्ति सबको बर्फ नहीं कर देता।
बर्फ पानी खेलने के फायदे
यह संपूर्ण रूप से शरीर का व्यायाम करवाने वाला है। इसमें आपको बचने या पकड़ने के लिए लगातार भागना है, बचना है या कुछ ना कुछ करते रहना है।
बर्फ पानी खेलते समय सावधानियां
इसमें यह जरुरी नहीं कि आप पकड़ने के लिए एक ही व्यक्ति रखें। आप इसमें 2 व्यक्ति भी रख सकते हैं। साथ ही आप इसमें यह नियम भी जोड़ सकते हैं कि पकड़ने वाला व्यक्ति बर्फ बने व्यक्ति को अपनी मर्जी से कहीं और जाकर खड़ा होने को कहे अर्थात वह कई बर्फ बने व्यक्तियों को एक जगह लाकर भी खड़ा कर सकता है ताकि उसे ज्यादा मेहनत ना करनी पड़े।
तो यह थे कुछ बचपन के खेल (Bachpan Ke Khel) जिसे आप अपने घर पर या पार्क में जाकर खेल सकते हैं। इन खेलों को खेलने से आपका शारीरिक स्वास्थ्य तो बेहतर होगा ही व आपको अलग से व्यायाम करने की भी आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
बचपन के खेल से संबंधित प्रश्नोत्तर
प्रश्न: पुराने समय में कौन से खेल खेले जाते थे?
उत्तर: पुराने समय में छुपन छुपाई, लंगड़ी टांग, स्टापू, पिट्ठू, कंचे, आँख मिचौली इत्यादि खेल खेले जाते थे। इसमें हर खेल का अपना अलग महत्व व लाभ होते थे।
प्रश्न: 10 गेम का नाम क्या है?
उत्तर: 10 गेम के नाम में हमने इस लेख में कुल 10 बचपन के खेलों के बारे में बताया है। साथ ही हमने उनके नियम, लाभ व सावधानियों के बारे में भी जानकारी दी है।
प्रश्न: पुराने समय में बच्चे कौन से खेल खेलते थे जो आज गायब हो गया है?
उत्तर: पुराने समय में बच्चे गुल्ली डंडा, कंचे, मारधाड़, पकड़न पकड़ाई इत्यादि खेल खेलते थे जो आज के समय में लगभग गायब से हो गए हैं।
प्रश्न: बचपन का खेल क्या है?
उत्तर: बचपन का खेल कोई एक नहीं बल्कि कई होते हैं। इस लेख में हमने प्रसिद्ध खेलों को उनके नियम सहित समझाया है।
नोट: यदि आप वैदिक ज्ञान , धार्मिक कथाएं
, मंदिर व ऐतिहासिक स्थल
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